phulon ki tazgi hi nahin dekhne ki chiz kanton ki samt bhi to nigahen utha ke dekh
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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मुद्दतें गुज़र गई 'हिसाब' नहीं किया न जाने अब किस के कितने रह गए हम
Kumar Vishwas
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दिल ना-उमीद तो नहीं नाकाम ही तो है लंबी है ग़म की शाम मगर शाम ही तो है
Faiz Ahmad Faiz
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रातें किसी याद में कटती हैं और दिन दफ़्तर खा जाता है दिल जीने पर माएल होता है तो मौत का डर खा जाता है सच पूछो तो 'तहज़ीब हाफ़ी' मैं ऐसे दोस्त से आज़िज़ हूँ मिलता है तो बात नहीं करता और फोन पे सर खा जाता है
Tehzeeb Hafi
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ये ताएरों की क़तारें किधर को जाती हैं न कोई दाम बिछा है कहीं न दाना है
Asad Badayuni
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परिंद पेड़ से परवाज़ करते जाते हैं कि बस्तियों का मुक़द्दर बदलता जाता है
Asad Badayuni
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परिंद क्यूँँ मिरी शाख़ों से ख़ौफ़ खाते हैं कि इक दरख़्त हूँ और साया-दार मैं भी हूँ
Asad Badayuni
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देखने के लिए सारा आलम भी कम चाहने के लिए एक चेहरा बहुत
Asad Badayuni
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