पूरे दिन बस ये हूँ हल्ला कब चुप होगा ये मुहल्ला
Related Sher
कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
521 likes
कुछ न कुछ बोलते रहो हम सेे चुप रहोगे तो लोग सुन लेंगे
Fahmi Badayuni
112 likes
प्यास अगर मेरी बुझा दे तो मैं जानू वरना तू समुंदर है तो होगा मेरे किस काम का है
Rahat Indori
109 likes
जानता हूँ कि तुझे साथ तो रखते हैं कई पूछना था कि तेरा ध्यान भी रखता है कोई?
Umair Najmi
109 likes
और फिर एक दिन बैठे बैठे मुझे अपनी दुनिया बुरी लग गई जिस को आबाद करते हुए मेरे मां-बाप की ज़िंदगी लग गई
Tehzeeb Hafi
207 likes
More from Saniya Tasnim
पर्दा रखती है रिश्ते का इज़्ज़त वो ही अस्तर है
Saniya Tasnim
0 likes
उसी के हैं दिन रात सारे हमें जो मुयस्सर नहीं है
Saniya Tasnim
0 likes
किसी को ख़ामोश कर पाऊँ कहाँ ऐसा शोर है मुझ में
Saniya Tasnim
0 likes
इश्क़ होगा फिर भला होगा मैं न कहता था बुरा होगा
Saniya Tasnim
0 likes
मैं हटा दीन दुनिया से तो यूँँ हुआ बंदगी भी गई ज़िन्दगी भी गई
Saniya Tasnim
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Saniya Tasnim.
Similar Moods
More moods that pair well with Saniya Tasnim's sher.







