राह का रह-गुज़र ही निकला वो मैं ने समझा था हम-सफ़र उस को
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माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं तू मेरा शौक़ देख मिरा इंतिज़ार देख
Allama Iqbal
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मर चुका है दिल मगर ज़िंदा हूँ मैं ज़हर जैसी कुछ दवाएँ चाहिए पूछते हैं आप आप अच्छे तो हैं जी मैं अच्छा हूँ दुआएँ चाहिए
Jaun Elia
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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रातें किसी याद में कटती हैं और दिन दफ़्तर खा जाता है दिल जीने पर माएल होता है तो मौत का डर खा जाता है सच पूछो तो 'तहज़ीब हाफ़ी' मैं ऐसे दोस्त से आज़िज़ हूँ मिलता है तो बात नहीं करता और फोन पे सर खा जाता है
Tehzeeb Hafi
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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तुम्हें वा'दा निभाना था अजल तक साथ जाना था किनारे आज बैठे हैं हमें तो डूब जाना था तुम्हें समझाऊॅं कितना मैं कहा कुछ भी न माना था ये तुम ने क्यूँ बचाया है उसे मुझ को डुबाना था
Manish Yadav
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रक्खे थे हिफाज़त से जो ख़त मैं ने वो सब आज वापस मैं यहाँ आया हूँ दरिया में बहा के
Manish Yadav
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सताते हैं ख़याल अब तेरे सारा दिन गुज़र जाती है यूँॅं ही रात रोने में
Manish Yadav
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वो आई लहर बनके और आ कर चली गई साहिल किनारे बैठा मैं तकता ही रह गया
Manish Yadav
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नहीं देते कभी अब हौसला कुछ आगे बढ़ने का ये दुनिया वाले देखो अब यहाँ पर पर कतरतें हैं
Manish Yadav
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