rahta tha samne tera chehra khula hua padhta tha main kitab yahi har class mein
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ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
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क्या ख़बर कौन था वो, और मेरा क्या लगता था जिस सेे मिल कर मुझे, हर शख़्स बुरा लगता था
Tehzeeb Hafi
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हार हो जाती है जब मान लिया जाता है जीत तब होती है जब ठान लिया जाता है
Shakeel Azmi
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हम ने उस को इतना देखा जितना देखा जा सकता था लेकिन फिर भी दो आँखों से कितना देखा जा सकता था
Farrukh Yar
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तेरी आँखों में जो इक क़तरा छुपा है, मैं हूँ जिस ने छुप छुप के तेरा दर्द सहा है, मैं हूँ एक पत्थर कि जिसे आँच न आई, तू है एक आईना कि जो टूट चुका है, मैं हूँ
Fauziya Rabab
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ज़ीस्त में मेरे उस ने अँधेरा किया और उस को सभी 'रौशनी' कहते थे
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वो मुंसिफ़ है मेरा जो क़ातिल है जाँ का मेरे हक़ में वो फ़ैसला क्या करेगा
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ज़रा तुम अपनी हद में रहने की कोशिश करो वरना तुम्हारे ऐब से इक दिन तुम्हें बदनाम कर देंगे
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सिखाया है तुम्हीं ने इश्क़ करना मुझ को शिद्दत से मुहब्बत में तुम्हारा ज़िक्र लाज़िम है मेरी जानाँ
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सिर्फ़ इस लिए ही लिखता हूँ उसे मैं रोज़ ख़त ताकि उस में बे-झिझक "तुम्हारा अपना" लिख सकूँ
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