रक़्स करना है तो फिर होश की पाज़ेब उतार आलम-ए-वज्द में ही बे-ख़बरी आती है
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हम ने उस को इतना देखा जितना देखा जा सकता था लेकिन फिर भी दो आँखों से कितना देखा जा सकता था
Farrukh Yar
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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मेरे नाम से क्या मतलब है तुम्हें मिट जाएगा या रह जाता है जब तुम ने ही साथ नहीं रहना फिर पीछे क्या रह जाता है मेरे पास आने तक और किसी की याद उसे खा जाती है वो मुझ तक कम ही पहुँचता है किसी और जगह रह जाता है
Tehzeeb Hafi
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बेवजह मुझ सेे फिर ख़फ़ा क्यूँ है ये कहानी ही हर दफ़ा क्यूँ है कुछ भी मजबूरी तो नहीं दिखती मैं क्या जानूं वो बे-वफ़ा क्यूँ है
Sandeep Thakur
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अव्वल तो मैं नाराज़ नहीं होता हूँ लेकिन हो जाऊँ तो फिर मुझ सेा बुरा होता नहीं है
Ali Zaryoun
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वो आफ़ताब लाने का देकर हमें फ़रेब हम सेे हमारी रात के जुगनू भी ले गया
Rajesh Reddy
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धोका है इक फ़रेब है मंज़िल का हर ख़याल सच पूछिए तो सारा सफ़र वापसी का है
Rajesh Reddy
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नई लाशें बिछाने के लिए ही गड़े मुर्दे उखाड़े जा रहे हैं
Rajesh Reddy
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दरवाज़े के अंदर इक दरवाज़ा और छुपा हुआ है मुझ में जाने क्या क्या और
Rajesh Reddy
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दोस्तों का क्या है वो तो यूँँ भी मिल जाते हैं मुफ़्त रोज़ इक सच बोल कर दुश्मन कमाने चाहिएँ
Rajesh Reddy
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