रक़ीबों ने कहा मुझ सेे दिखाओ रूम तुम अपना किताबें ग़म उदासी और इक फ़ोटो मिली उन को
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ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
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प्यार दो बार थोड़ी होता है हो तो फिर प्यार थोड़ी होता है यही बेहतर है तुम उसे रोको मुझ सेे इनकार थोड़ी होता है
Zubair Ali Tabish
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तू मोहब्बत से कोई चाल तो चल हार जाने का हौसला है मुझे
Ahmad Faraz
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सैर कर दुनिया की ग़ाफ़िल ज़िंदगानी फिर कहाँ ज़िंदगी गर कुछ रही तो ये जवानी फिर कहाँ
Khwaja Meer Dard
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क्या ख़बर कौन था वो, और मेरा क्या लगता था जिस सेे मिल कर मुझे, हर शख़्स बुरा लगता था
Tehzeeb Hafi
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तुम्हारी बज़्म हैं तो क्या करोगे इश्क़ को रुस्वा अदब से महफिलें चलती हैं हुक्मों से नहीं चलती
Rohit Gustakh
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ये भी मशहूर था कूचे में उस के जिसे तुम लोग पागल कह रहे हो
Rohit Gustakh
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हमारे लिए बे-वफ़ा है वो लड़की तुम्हारे लिए जो अभी देवता है
Rohit Gustakh
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तुम्हें कैसे बताएँ हम कि कैसे हैं बिना उस के उसे बस ये बताना तुम कि अच्छे हैं बिना उस के वो पूछे तो बता देना हमारा हाल ये उस को मुकम्मल ख़्वाब आँखों में अधूरे हैं बिना उस के
Rohit Gustakh
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मौत को चूम कर लौट आए हैं हम आप उलझे रहे ज़िंदगी में यहीं
Rohit Gustakh
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