सब हुनर से बड़ा हुनर है जनाब तोड़ने और जोड़ने का हुनर
Related Sher
मैं किसी तरह भी समझौता नहीं कर सकता या तो सब कुछ ही मुझे चाहिए या कुछ भी नहीं
Jawwad Sheikh
89 likes
हाल न पूछो मोहन का सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
165 likes
वो मुझ को छोड़ के जिस आदमी के पास गया बराबरी का भी होता तो सब्र आ जाता
Parveen Shakir
107 likes
सभी का ख़ून है शामिल यहाँ की मिट्टी में किसी के बाप का हिन्दुस्तान थोड़ी है
Rahat Indori
144 likes
मैं क्या कहूँ के मुझे सब्र क्यूँँ नहीं आता मैं क्या करूँँ के तुझे देखने की आदत है
Ahmad Faraz
118 likes
More from Ramnath Shodharthi
यही तो ज़िंदगी की ख़ूबसूरती है मियाँ किसी को इल्म नहीं कल यहाँ पे क्या होगा
Ramnath Shodharthi
1 likes
ये जो रौनक़ है मेरे चेहरे पर ये मेरे ग़म का कार-नामा है
Ramnath Shodharthi
1 likes
तुम तो किसी भी बात पे कुछ बोलते नहीं मैं कम ही बोलता हूँ मगर बोलता तो हूँ
Ramnath Shodharthi
1 likes
तुम फूलों जैसे दिखते हो फूलों के तुम क्या लगते हो
Ramnath Shodharthi
1 likes
क़ैद कर लोगे जिसे कोई परिंदा मैं नहीं आसमाँ हूँ किसी पिंजरे में नहीं आऊँगा
Ramnath Shodharthi
1 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Ramnath Shodharthi.
Similar Moods
More moods that pair well with Ramnath Shodharthi's sher.







