सब इंतिज़ार में थे कब कोई ज़बान खुले फिर उस के होंठ खुले और सबके कान खुले
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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नज़र में रखना कहीं कोई ग़म शनास गाहक मुझे सुख़न बेचना है ख़र्चा निकालना है
Umair Najmi
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पता था उस से बिछड़ते ही दोस्त घेरेंगे वही हुआ मुझे रंज-ओ-अलम ने घेर लिया
Umair Najmi
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किताब-ए-इश्क़ में हर आह एक आयत है पर आँसुओं को हुरूफ़-ए-मुक़त्तिआ'त समझ
Umair Najmi
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मेरा हाथ पकड़ ले पागल, जंगल है जितना भी रौशन हो जंगल, जंगल है
Umair Najmi
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यार तस्वीर में तन्हा हूँ मगर लोग मिले कई तस्वीर से पहले कई तस्वीर के बा'द
Umair Najmi
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