सब कुछ पा कर थोड़ा सा कुछ कम भी रहता है इन ख़ुशियों में एक तुम्हारा ग़म भी रहता है
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
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छुआ है तुम ने भी इक रोज़ हम को ये ख़ुशबू देर तक महका करेगी तुम्हारे हाथ सालों तक ये दुनिया हमारे नाम पे चूमा करेगी
Ritesh Rajwada
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जब भी माँगूँ तेरी ख़ुशी माँगूँ और दुआएँ ख़ुदा तलक जाएँ ख़्वाब आएँ तो नींद यूँँ महके आँख से ख़ुशबुएँ छलक जाएँ
Ritesh Rajwada
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तुम्हारे साथ जो देखे थे मैं ने वो सारे ख़्वाब बाग़ी हो रहे हैं
Ritesh Rajwada
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कहा था क्या और क्या बने हो अजब सा इक मसअला बने हो हमारी मर्ज़ी कहाँ थी शामिल तुम अपने मन से ख़ुदा बने हो
Ritesh Rajwada
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ज़्यादा मीठा हो तो चींटा लग जाता है सच्चे इश्क़ को अक्सर बट्टा लग जाता है हम ने अपनी जान गंवाई तब जाना भाव मिले तो कुछ भी सट्टा लग जाता है
Ritesh Rajwada
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