सब को हैरत रही उन के दीदार से हम को ज़ख़्मी किया अपने किरदार से हाल पूछो तो है ख़ैरियत सब यहाँ हैं मगर याद में उन के बीमार से
Related Sher
मुद्दतें गुज़र गई 'हिसाब' नहीं किया न जाने अब किस के कितने रह गए हम
Kumar Vishwas
271 likes
मैं ने उस सेे प्यार किया है मिल्किय्यत का दावा नइँ वो जिस के भी साथ है मैं उस को भी अपना मानता हूँ
Ali Zaryoun
228 likes
ग़म-ए-फ़ुर्क़त का शिकवा करने वाली मेरी मौजूदगी में सो रही है
Jaun Elia
130 likes
सैर कर दुनिया की ग़ाफ़िल ज़िंदगानी फिर कहाँ ज़िंदगी गर कुछ रही तो ये जवानी फिर कहाँ
Khwaja Meer Dard
127 likes
मसअला ये नहीं कि इश्क़ हुआ है हम को मसअला ये है कि इज़हार किया जाना है
Rajesh Reddy
127 likes
More from Shivam Mishra
आशियाँ दिल को तेरे बनाए हैं हम तोड़ कर इस को बेघर है होना नहीं
Shivam Mishra
1 likes
वो मेरा आशियाँ यूँँ सजा के गया जल रही हर शमा' को बुझा के गया
Shivam Mishra
1 likes
तेरी नज़रें जिसे देख लें इक दफ़ा फिर लगे नइँ दुआ और कोई दवा
Shivam Mishra
3 likes
मेरी नजरों ने उन को इस क़दर डाला है मुश्किल में नज़र हम सेे चुराते रह गए हैं वो ही महफ़िल में
Shivam Mishra
2 likes
ऐ ज़माने मुझे यूँँ न बदनाम कर हो सके तो मुझे उन के ही नाम कर
Shivam Mishra
1 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Shivam Mishra.
Similar Moods
More moods that pair well with Shivam Mishra's sher.







