सबने उसे हर पल बताया था ख़राब ये इश्क़ में उस के सिवा लगता ख़राब बस इश्क़ में पागल हुई है वो मेरे कोई न कोई इश्क़ में होता ख़राब
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ज़रा ठहरो कि शब फीकी बहुत है तुम्हें घर जाने की जल्दी बहुत है ज़रा नज़दीक आ कर बैठ जाओ तुम्हारे शहर में सर्दी बहुत है
Zubair Ali Tabish
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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पिता बच्चों की हर विश पूरी करने में लगा है गगन जैसी भी ख़्वाहिश पूरी करने में लगा है
"Dharam" Barot
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थी कुछ से प्रीति था कुछ से हमारा बैर कभी अपना कभी अपना बना था ग़ैर कठिन हर रास्ता मंज़िल दिखाएगा मिलेगी क़ामयाबी तुम चलाओ पैर
"Dharam" Barot
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परायों पर कभी भी वार कर पाते नहीं जो लोग बना कर गोडसे अपनों को ही हैं मारते वो लोग
"Dharam" Barot
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वीडियो कॉल कर दिन निकालें जी आप मोह पाला है पैसों का परदेस में
"Dharam" Barot
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वो समुंदर है वो प्यासा ही रखेगा मैं सिमट जाऊँगा तुझ में ,हूँ मैं तालाब
"Dharam" Barot
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