समझ आ गया हम को इनकार के बा'द है बस दर्द काँटों में फूलों में आँसू
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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मुझ से मत पूछो के उस शख़्स में क्या अच्छा है अच्छे अच्छों से मुझे मेरा बुरा अच्छा है किस तरह मुझ से मुहब्बत में कोई जीत गया ये न कह देना के बिस्तर में बड़ा अच्छा है
Tehzeeb Hafi
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बड़े नादान हो तुम भी ज़रा समझा करो बातें गले मिल कर जो रोती है बिछड़ कर कितना रोएगी
Ankita Singh
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वो मुझ को छोड़ के जिस आदमी के पास गया बराबरी का भी होता तो सब्र आ जाता
Parveen Shakir
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रूठा था मैं बहुत दिनों से मान गया लेकिन कान पकड़ कर जब वो बोली सोरी-वोरी सब
Sandeep Thakur
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वो जिस की हो चुकी है मुझ से पहले मेरी रानी का वो राजा नहीं है
Rohit tewatia 'Ishq'
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जवान एक बूढ़े से हँसकर ये बोला हुआ क्या जो ख़ूँ में उबाल अब नहीं है
Rohit tewatia 'Ishq'
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मतलब पता है आदमी को हुक्म का मगर औरत को ही गु़लाम का मतलब नहीं पता
Rohit tewatia 'Ishq'
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तमन्ना है मेरे दिल में रहो तुम मकाँ को घर बनाना चाहता हूँ
Rohit tewatia 'Ishq'
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हम ने उन्हें कहा कि हमें वक़्त चाहिए थोड़ा अगर तमाम का मतलब नहीं पता
Rohit tewatia 'Ishq'
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