सर आँखों पर रखते उठा कर तब मुझे सब मंदिर में जलती काठ की गर राख होती
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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ये दुख अलग है कि उस सेे मैं दूर हो रहा हूँ ये ग़म जुदा है वो ख़ुद मुझे दूर कर रहा है तेरे बिछड़ने पर लिख रहा हूँ मैं ताज़ा ग़ज़लें ये तेरा ग़म है जो मुझ को मशहूर कर रहा है
Tehzeeb Hafi
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गवाही दे रहे हैं आँखों के काले घने घेरे तुम्हारी याद में कल रात भर जागी हुई हूँ मैं
Dr Bhagyashree Joshi
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बुला कर पास तू अपने सितारों की रिदा दे दे बहुत ही थक गई हूँ मैं मुझे सोना है अब मौला
Dr Bhagyashree Joshi
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क़ज़ा आई थी कल मिलने उसे ये कह के रोका है जनाज़ा एक लड़की का पिया के घर से जाता है
Dr Bhagyashree Joshi
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सुना है चाँद रात उस के फ़क़त आ जाने से छत पे कई दीवानियों ने ईद का ऐलान कर डाला
Dr Bhagyashree Joshi
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निकल कर आँख से ये अश्क जब दिल तक पहुँचते हैं तभी मतलब समझ आता नमक ज़ख़्मों पे पड़ने का
Dr Bhagyashree Joshi
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