क़ज़ा आई थी कल मिलने उसे ये कह के रोका है जनाज़ा एक लड़की का पिया के घर से जाता है
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मुद्दतों बा'द इक शख़्स से मिलने के लिए आइना देखा गया, बाल सँवारे गए
Jaun Elia
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मैं उस से ये तो नहीं कह रहा जुदा न करे मगर वो कर नहीं सकता तो फिर कहा न करे वो जैसे छोड़ गया था मुझे उसे भी कभी ख़ुदा करे कि कोई छोड़ दे ख़ुदा न करे
Tehzeeb Hafi
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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प्यार दो बार थोड़ी होता है हो तो फिर प्यार थोड़ी होता है यही बेहतर है तुम उसे रोको मुझ सेे इनकार थोड़ी होता है
Zubair Ali Tabish
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बस ये दिक़्क़त है भुलाने में उसे उस के बदले में किस को याद करें
Fahmi Badayuni
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सर आँखों पर रखते उठा कर तब मुझे सब मंदिर में जलती काठ की गर राख होती
Dr Bhagyashree Joshi
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गवाही दे रहे हैं आँखों के काले घने घेरे तुम्हारी याद में कल रात भर जागी हुई हूँ मैं
Dr Bhagyashree Joshi
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कुछ होता यूँँ दहलीज़ की मैं ख़ाक होती तो रोज़ तेरे पैर छू कर पाक होती
Dr Bhagyashree Joshi
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सुना है चाँद रात उस के फ़क़त आ जाने से छत पे कई दीवानियों ने ईद का ऐलान कर डाला
Dr Bhagyashree Joshi
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मौत आने पर बदलती, रूह अपना पैरहन क्या पता था रूह मुझ को, छोड़ देगी जीते जी
Dr Bhagyashree Joshi
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