कुछ होता यूँँ दहलीज़ की मैं ख़ाक होती तो रोज़ तेरे पैर छू कर पाक होती
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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मैं अगर अपनी जवानी के सुना दूँ क़िस्से ये जो लौंडे हैं मेरे पाँव दबाने लग जाए
Mehshar Afridi
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दर्द को अपने छुपाता शा'इरी ग़ज़लों में जो आह में भी वाह सुनता सच में वो शहबाज़ है
Dr Bhagyashree Joshi
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गवाही दे रहे हैं आँखों के काले घने घेरे तुम्हारी याद में कल रात भर जागी हुई हूँ मैं
Dr Bhagyashree Joshi
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सर आँखों पर रखते उठा कर तब मुझे सब मंदिर में जलती काठ की गर राख होती
Dr Bhagyashree Joshi
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सुना है चाँद रात उस के फ़क़त आ जाने से छत पे कई दीवानियों ने ईद का ऐलान कर डाला
Dr Bhagyashree Joshi
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मुकम्मल हिज्र में काटी है उस ने ज़िन्दगी अपनी यहाँ कुछ लोग पल भर में मुहब्बत भूल जाते हैं
Dr Bhagyashree Joshi
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