सर से सौदाई का भूत उतरे ज़रा हम मुहब्बत में डूबे है गहरे ज़रा कह दो उन सेे कि आते है हम तो ज़रा सामने रख के शीशे को संवरे ज़रा
Related Sher
हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
373 likes
हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
333 likes
तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
1279 likes
तू किसी और ही दुनिया में मिली थी मुझ सेे तू किसी और ही मौसम की महक लाई थी डर रहा था कि कहीं ज़ख़्म न भर जाएँ मेरे और तू मुट्ठियाँ भर-भर के नमक लाई थी
Tehzeeb Hafi
331 likes
किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
594 likes
More from Sumit Panchal
ये फ़रेब-ए-हयात है गोया जिस को हम सब हयात कहते हैं
Sumit Panchal
0 likes
सच कहूँ तो तेरी ज़रूरत थी काम लेकिन चला लिया मैं ने
Sumit Panchal
0 likes
यही सबब है कि हम हिज्र से हैं अफ़्सुर्दा हर एक हिज्र से पैदा विसाल होता नहीं
Sumit Panchal
0 likes
नसीब अपना खुला नहीं है जो चाहिए था मिला नहीं है उसी पे अटका है फिर से जा कर कुशादा दिल है भरा नहीं है
Sumit Panchal
0 likes
कभी जो चीज़ चाहिए थी मुझे मिल गई अब तो ख़ुश नहीं हूँ मैं
Sumit Panchal
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Sumit Panchal.
Similar Moods
More moods that pair well with Sumit Panchal's sher.







