शाम ढले ही आ जाता हूँ उस की यादें घर है मेरा
Related Sher
बिठा दिया है सिपाही के दिल में डर उस ने तलाशी दी है दुपट्टा उतार कर उस ने मैं इस लिए भी उसे ख़ुद-कुशी से रोकता हूँ लिखा हुआ है मेरा नाम जिस्म पर उस ने
Zia Mazkoor
106 likes
वो मुझ को छोड़ के जिस आदमी के पास गया बराबरी का भी होता तो सब्र आ जाता
Parveen Shakir
107 likes
उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो न जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो जाए
Bashir Badr
111 likes
इश्क़ में ये दावा तो नईं है मैं ही अव्वल आऊँगा लेकिन इतना कह सकता हूँ अच्छे नंबर लाऊँगा
Zubair Ali Tabish
107 likes
मैं क़िस्सा मुख़्तसर कर के, ज़रा नीची नज़र कर के ये कहता हूँ अभी तुम से, मोहब्बत हो गई तुम से
Zubair Ali Tabish
105 likes
More from Prakamyan Gautam
वो सब जो बस तुम से कहना था मुझ को कहता फिरता हूँ पूरी दुनिया से मैं
Prakamyan Gautam
1 likes
वो अपने जैसा चाहती थी मैं उस को अपना मानता था
Prakamyan Gautam
2 likes
ये पैरों की पायल, हाथों के कंगन पहनो पहनो बेहद अच्छे लगते हैं
Prakamyan Gautam
2 likes
उस पैकर में शामिल है वो सब का सब जो जो लड़कों की कमज़ोरी होती है
Prakamyan Gautam
1 likes
फूल नहीं है यार कली है भोली भाली और भली है
Prakamyan Gautam
1 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Prakamyan Gautam.
Similar Moods
More moods that pair well with Prakamyan Gautam's sher.







