शरीफ़ों से हुआ मालूम हम को तवाइफ़ का मकाँ है उस गली में
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किसी गली में किराए पे घर लिया उस ने फिर उस गली में घरों के किराए बढ़ने लगे
Umair Najmi
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिन दिल के ख़ुश रखने को 'ग़ालिब' ये ख़याल अच्छा है
Mirza Ghalib
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मैं ने जो कुछ भी सोचा हुआ है, मैं वो वक़्त आने पे कर जाऊँगा तुम मुझे ज़हर लगते हो और मैं किसी दिन तुम्हें पी के मर जाऊँगा
Tehzeeb Hafi
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आदमी देश छोड़े तो छोड़े 'अली' दिल में बसता हुआ घर नहीं छोड़ता एक मैं हूँ कि नींदें नहीं आ रही एक तू है कि बिस्तर नहीं छोड़ता
Ali Zaryoun
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वो आया जीवन में मेरे जब मैं बिल्कुल तन्हा था उस के आने से भी लेकिन तन्हा तन्हा रहता हूँ
Sanskar Shrivastav
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वो जो आँख मिलाता है भगवानों से तेरे आगे वो लड़का झुक जाता है
Sanskar Shrivastav
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वो इन आँखों को मयखाना कहते हैं तेरी आँखें तो कान्हा का मंदिर है
Sanskar Shrivastav
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पता नहीं मैं कभी उन्हें ये बता सकूँगा कि तुम नहीं हो पता नहीं माँ से कब तलक मैं छुपा सकूँगा कि तुम नहीं हो
Sanskar Shrivastav
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वनवासी इक राजा वो निष्काम हुए बात पिता की रख ली तो ही राम हुए
Sanskar Shrivastav
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