सिर्फ़ तुम सेे ही नहीं वो ऐसा सब से बोलते हैं मेरे घर के लोग सब के सब अदब से बोलते हैं
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
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यार अनोखा जादू है याँ उस की कोमल बाँहों में मुरझाए चेहरे खिल जाते हैं बस इक आलिंगन से
Sandeep dabral 'sendy'
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यार अगर वो हाँ कह दे तो ख़ुद को आऊँ सौंप उसे झुमका तो बस मामूली नज़राना है उस की ख़ातिर
Sandeep dabral 'sendy'
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यादों के जंगल में आता नइँ याँ गाहे पतझड़ का मौसम सो बूढ़ी आँखों में भी यादों के पेड़ हरे भरे मिलते हैं
Sandeep dabral 'sendy'
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वो छोड़ गया है साथ हमारा कर के नम आँखें कि हिफ़ाज़त जिस की गाहे करती थी हर-दम आँखें
Sandeep dabral 'sendy'
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वो मुझे गंगा सी पावन इक नदी सी लगती है मैं समुंदर रूप धर लूँ उस नदी के वास्ते
Sandeep dabral 'sendy'
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