talib-e-dast-e-hawas aur kai daman the hum se milta jo na yusuf ke gareban se mila
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
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हम ने उस को इतना देखा जितना देखा जा सकता था लेकिन फिर भी दो आँखों से कितना देखा जा सकता था
Farrukh Yar
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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तुझ से तो दिल के पास मुलाक़ात हो गई मैं ख़ुद को ढूँडने के लिए दर-ब-दर गया
Mustafa Zaidi
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मिरी रूह की हक़ीक़त मिरे आँसुओं से पूछो मिरा मज्लिसी तबस्सुम मिरा तर्जुमाँ नहीं है
Mustafa Zaidi
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हम अंजुमन में सब की तरफ़ देखते रहे अपनी तरह से कोई अकेला नहीं मिला
Mustafa Zaidi
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मत पूछ कि हम ज़ब्त की किस राह से गुज़रे ये देख कि तुझ पर कोई इल्ज़ाम न आया
Mustafa Zaidi
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तितलियाँ उड़ती हैं और उन को पकड़ने वाले सई-ए-नाकाम में अपनों से बिछड़ जाते हैं
Mustafa Zaidi
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