तुझ से तो दिल के पास मुलाक़ात हो गई मैं ख़ुद को ढूँडने के लिए दर-ब-दर गया
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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दिल ना-उमीद तो नहीं नाकाम ही तो है लंबी है ग़म की शाम मगर शाम ही तो है
Faiz Ahmad Faiz
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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वो लड़ कर भी सो जाए तो उस का माथा चूमूँ मैं उस से मोहब्बत एक तरफ़ है उस से झगड़ा एक तरफ़
Varun Anand
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गुलाब ख़्वाब दवा ज़हर जाम क्या क्या है मैं आ गया हूँ बता इंतिज़ाम क्या क्या है
Rahat Indori
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मत पूछ कि हम ज़ब्त की किस राह से गुज़रे ये देख कि तुझ पर कोई इल्ज़ाम न आया
Mustafa Zaidi
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मिरी रूह की हक़ीक़त मिरे आँसुओं से पूछो मिरा मज्लिसी तबस्सुम मिरा तर्जुमाँ नहीं है
Mustafa Zaidi
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तितलियाँ उड़ती हैं और उन को पकड़ने वाले सई-ए-नाकाम में अपनों से बिछड़ जाते हैं
Mustafa Zaidi
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हम अंजुमन में सब की तरफ़ देखते रहे अपनी तरह से कोई अकेला नहीं मिला
Mustafa Zaidi
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