तब तलक नींद से कोई रिश्ता नहीं जब तलक रात है दिन निकलता नहीं
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
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ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
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उम्र भर हम को यही इक काम दे दो देखने को रोज़ ढलती शाम दे दो
Saurabh
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राय हम यही देंगे आप को मुहब्बत में ख़ानदान से पहले देख ख़ानदानी को
Saurabh
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ये क्या हो गया है नई नस्ल को लोग पागल नहीं हो रहे इश्क़ में
Saurabh
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शा'इरी घूमती है इसी में फ़लसफ़ा और दिल का फ़साना
Saurabh
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कुछ दिन बा'द तो ये भी न बोला जाएगा जो भी होगा आगे देखा जाएगा
Saurabh
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