तंग आ चुके हैं अपनी ही बेकली से फिर हम ठुकरा न दें कहीं ख़ुद को बेख़ुदी से फिर हम
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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हम ने उस को इतना देखा जितना देखा जा सकता था लेकिन फिर भी दो आँखों से कितना देखा जा सकता था
Farrukh Yar
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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होश वालों को ख़बर क्या बे-ख़ुदी क्या चीज़ है इश्क़ कीजे फिर समझिए ज़िंदगी क्या चीज़ है
Nida Fazli
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हम को दिल से भी निकाला गया फिर शहर से भी हम को पत्थर से भी मारा गया फिर ज़हरस भी
Azm Shakri
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ज़िंदगी की सीख मुफ़्त में कहाँ से लाइए जाइए जनाब आप पहले दिल लुटाइए
Naresh sogarwal 'premi'
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ये हुनर भी लिखने का मुझ में तो नहीं था पर इश्क़ जो भी करते हैं शा'इरी ही करते हैं
Naresh sogarwal 'premi'
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ये समय जो है कि मुझ सेे अब तो कटता भी नहीं और ऐसा भी नहीं मैं जो कि लिख नहीं रहा
Naresh sogarwal 'premi'
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ये हमदर्दी तो मानव को बना देती है बेचारा करो तारीफ़ मेरी ज़ख़्म की ही क्यूँ न हो चाहे
Naresh sogarwal 'premi'
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वस्ल तेरा मुख़्तसर तिरा फ़िराक़ उम्र भर जान तुझ को भूलें और तुझ को याद भी करें
Naresh sogarwal 'premi'
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