तेग़-बाज़ी का शौक़ अपनी जगह आप तो क़त्ल-ए-आम कर रहे हैं
Related Sher
शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
435 likes
लिख के उँगली से धूल पे कोई ख़ुद हँसा अपनी भूल पे कोई याद कर के किसी के चेहरे को रख गया होंठ फूल पे कोई
Sandeep Thakur
77 likes
मैं चाहता था मुझ सेे बिछड़ कर वो ख़ुश रहे लेकिन वो ख़ुश हुआ तो बड़ा दुख हुआ मुझे
Umair Najmi
99 likes
तितली से दोस्ती न गुलाबों का शौक़ है मेरी तरह उसे भी किताबों का शौक़ है
Charagh Sharma
99 likes
कोरे काग़ज़ पर रो रहे हो तुम मैं तो समझा पढ़े लिखे हो तुम क्या कहा मुझ सेे दूर जाना है इस का मतलब है जा चुके हो तुम
Zubair Ali Tabish
113 likes
More from Jaun Elia
जो रा'नाई निगाहों के लिए सामान-ए-जल्वा है लिबास-ए-मुफ़्लिसी में कितनी बे-क़ीमत नज़र आती यहाँ तो जाज़बिय्यत भी है दौलत ही की पर्वर्दा ये लड़की फ़ाक़ा-कश होती तो बद-सूरत नज़र आती
Jaun Elia
13 likes
मुस्कुराए हम उस से मिलते वक़्त रो न पड़ते अगर ख़ुशी होती
Jaun Elia
0 likes
जमा हम ने किया है ग़म दिल में इस का अब सूद खाए जाएँगे
Jaun Elia
29 likes
कल रात बहुत ग़ौर किया है सो हम उस की तय कर के उठे हैं कि तमन्ना ना करेंगे इस बार वो तल्ख़ी है की रूठे भी नहीं हम अब के वो लड़ाई है के झगड़ा ना करेंगे
Jaun Elia
41 likes
अब जो रिश्तों में बँधा हूँ तो खुला है मुझ पर कब परिंद उड़ नहीं पाते हैं परों के होते
Jaun Elia
22 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Jaun Elia.
Similar Moods
More moods that pair well with Jaun Elia's sher.







