तिरे होंठ पर एक नन्हा सा तिल वो जिसे देख शे'र-ओ-सुख़न याद आया
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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हम ने उस को इतना देखा जितना देखा जा सकता था लेकिन फिर भी दो आँखों से कितना देखा जा सकता था
Farrukh Yar
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धूप में निकलो घटाओं में नहा कर देखो ज़िंदगी क्या है किताबों को हटा कर देखो
Nida Fazli
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मेरी तन्हाई देखेंगे तो हैरत ही करेंगे लोग मोहब्बत छोड़ देंगे या मोहब्बत ही करेंगे लोग
Ismail Raaz
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एक आवाज़ कि जो मुझ को बचा लेती है ज़िन्दगी आख़री लम्हों में मना लेती है जिस पे मरती हो उसे मुड़ के नहीं देखती वो और जिसे मारना हो यार बना लेती है
Ali Zaryoun
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यक़ीं मानो कि वो अब भी मुहब्बत करती है मुझ सेे यक़ीं ये भी करो यारा कि मैं अब झूठ कहता हूँ
Piyush Nishchal
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नदी दरख़्त चाँद ये सितारे सब जहाँ में हैं मगर मुझे तुम्हारा चेहरा देखना सुकूँ दिया
Piyush Nishchal
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यकायक मरना है तो ख़ुद-कुशी कर लो अगर क़िस्तों में तो फिर दिल-लगी कर लो नहीं मरना है ज़िंदा भी नहीं रहना मिरी मानो तो तुम फिर मयकशी कर लो
Piyush Nishchal
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तुम्हारे होंठ पर इक तिल को देखा तो लगा मुझ को कि इस को पढ़के तेरे इश्क़ में नायाब हो जाऊँ
Piyush Nishchal
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वो जब आती है तो धोखे की बू आती है उस को शायद कोई जी भर के चूमा होगा
Piyush Nishchal
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