तुम्हारे होंठ पर इक तिल को देखा तो लगा मुझ को कि इस को पढ़के तेरे इश्क़ में नायाब हो जाऊँ
Related Sher
रक़ीब आ कर बताते हैं यहाँ तिल है वहाँ तिल है हमें ये जानकारी थी मियाँ पहले बहुत पहले
Anand Raj Singh
112 likes
कोरे काग़ज़ पर रो रहे हो तुम मैं तो समझा पढ़े लिखे हो तुम क्या कहा मुझ सेे दूर जाना है इस का मतलब है जा चुके हो तुम
Zubair Ali Tabish
113 likes
उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
361 likes
तू मोहब्बत से कोई चाल तो चल हार जाने का हौसला है मुझे
Ahmad Faraz
135 likes
कोई शहर था जिस की एक गली मेरी हर आहट पहचानती थी मेरे नाम का इक दरवाज़ा था इक खिड़की मुझ को जानती थी
Ali Zaryoun
321 likes
More from Piyush Nishchal
यक़ीं मानो कि वो अब भी मुहब्बत करती है मुझ सेे यक़ीं ये भी करो यारा कि मैं अब झूठ कहता हूँ
Piyush Nishchal
1 likes
शराबी हूँ मगर ख़याल रहता है मुझे कि हाँ शराब के नशे में भी तुम्हें हसीन कहना है
Piyush Nishchal
1 likes
तेरी चाहत में बर्बादी का कारण बस इतना-सा है मुझ को ये तेरे गजरा औ' काजल ने बर्बाद किया है
Piyush Nishchal
1 likes
फूल से जब-जब भी बातें होती है मेरा चेहरा तब शगुफ़्ता होता है इश्क़ के मैदान में सब मिलते हैं और सबके साथ धोखा होता है
Piyush Nishchal
1 likes
यकायक मरना है तो ख़ुद-कुशी कर लो अगर क़िस्तों में तो फिर दिल-लगी कर लो नहीं मरना है ज़िंदा भी नहीं रहना मिरी मानो तो तुम फिर मयकशी कर लो
Piyush Nishchal
1 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Piyush Nishchal.
Similar Moods
More moods that pair well with Piyush Nishchal's sher.







