फूल से जब-जब भी बातें होती है मेरा चेहरा तब शगुफ़्ता होता है इश्क़ के मैदान में सब मिलते हैं और सबके साथ धोखा होता है
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मेरा हाथ पकड़ ले पागल, जंगल है जितना भी रौशन हो जंगल, जंगल है
Umair Najmi
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मुझ से मत पूछो के उस शख़्स में क्या अच्छा है अच्छे अच्छों से मुझे मेरा बुरा अच्छा है किस तरह मुझ से मुहब्बत में कोई जीत गया ये न कह देना के बिस्तर में बड़ा अच्छा है
Tehzeeb Hafi
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लोग काँटों से बच के चलते हैं मैं ने फूलों से ज़ख़्म खाए हैं
Unknown
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"उस के हाथ में फूल है" मत कहिए, कहिए उस का हाथ है फूल को फूल बनाने में
Charagh Sharma
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हज़ार बर्क़ गिरे लाख आँधियाँ उट्ठें वो फूल खिल के रहेंगे जो खिलने वाले हैं
Sahir Ludhianvi
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यक़ीं मानो कि वो अब भी मुहब्बत करती है मुझ सेे यक़ीं ये भी करो यारा कि मैं अब झूठ कहता हूँ
Piyush Nishchal
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शराबी हूँ मगर ख़याल रहता है मुझे कि हाँ शराब के नशे में भी तुम्हें हसीन कहना है
Piyush Nishchal
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तेरी चाहत में बर्बादी का कारण बस इतना-सा है मुझ को ये तेरे गजरा औ' काजल ने बर्बाद किया है
Piyush Nishchal
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यकायक मरना है तो ख़ुद-कुशी कर लो अगर क़िस्तों में तो फिर दिल-लगी कर लो नहीं मरना है ज़िंदा भी नहीं रहना मिरी मानो तो तुम फिर मयकशी कर लो
Piyush Nishchal
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मुझ को अंदर से खाता है हिज्र किसी का वर्ना शब को अच्छा-ख़ासा सोता था मैं
Piyush Nishchal
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