मुझ को अंदर से खाता है हिज्र किसी का वर्ना शब को अच्छा-ख़ासा सोता था मैं
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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मुझ से मत पूछो के उस शख़्स में क्या अच्छा है अच्छे अच्छों से मुझे मेरा बुरा अच्छा है किस तरह मुझ से मुहब्बत में कोई जीत गया ये न कह देना के बिस्तर में बड़ा अच्छा है
Tehzeeb Hafi
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प्यार दो बार थोड़ी होता है हो तो फिर प्यार थोड़ी होता है यही बेहतर है तुम उसे रोको मुझ सेे इनकार थोड़ी होता है
Zubair Ali Tabish
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यक़ीं मानो कि वो अब भी मुहब्बत करती है मुझ सेे यक़ीं ये भी करो यारा कि मैं अब झूठ कहता हूँ
Piyush Nishchal
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यकायक मरना है तो ख़ुद-कुशी कर लो अगर क़िस्तों में तो फिर दिल-लगी कर लो नहीं मरना है ज़िंदा भी नहीं रहना मिरी मानो तो तुम फिर मयकशी कर लो
Piyush Nishchal
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तेरी चाहत में बर्बादी का कारण बस इतना-सा है मुझ को ये तेरे गजरा औ' काजल ने बर्बाद किया है
Piyush Nishchal
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शराबी हूँ मगर ख़याल रहता है मुझे कि हाँ शराब के नशे में भी तुम्हें हसीन कहना है
Piyush Nishchal
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मुहब्बत हम भी कर तो लें मगर डर है कलेजा ही न कोई काट ले मेरा
Piyush Nishchal
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