यक़ीं मानो कि वो अब भी मुहब्बत करती है मुझ सेे यक़ीं ये भी करो यारा कि मैं अब झूठ कहता हूँ
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तू मोहब्बत से कोई चाल तो चल हार जाने का हौसला है मुझे
Ahmad Faraz
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प्यार दो बार थोड़ी होता है हो तो फिर प्यार थोड़ी होता है यही बेहतर है तुम उसे रोको मुझ सेे इनकार थोड़ी होता है
Zubair Ali Tabish
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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मेहरबाँ हम पे हर इक रात हुआ करती थी आँख लगते ही मुलाक़ात हुआ करती थी हिज्र की रात है और आँख में आँसू भी नहीं ऐसे मौसम में तो बरसात हुआ करती थी
Ismail Raaz
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तरीक़े और भी हैं इस तरह परखा नहीं जाता चराग़ों को हवा के सामने रक्खा नहीं जाता मोहब्बत फ़ैसला करती है पहले चंद लम्हों में जहाँ पर इश्क़ होता है वहाँ सोचा नहीं जाता
Abrar Kashif
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तेरी चाहत में बर्बादी का कारण बस इतना-सा है मुझ को ये तेरे गजरा औ' काजल ने बर्बाद किया है
Piyush Nishchal
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यकायक मरना है तो ख़ुद-कुशी कर लो अगर क़िस्तों में तो फिर दिल-लगी कर लो नहीं मरना है ज़िंदा भी नहीं रहना मिरी मानो तो तुम फिर मयकशी कर लो
Piyush Nishchal
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मुझ को अंदर से खाता है हिज्र किसी का वर्ना शब को अच्छा-ख़ासा सोता था मैं
Piyush Nishchal
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रात में मिलना तो अच्छा है मगर याद रखना नूर होना चाहिए
Piyush Nishchal
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मुहब्बत हम भी कर तो लें मगर डर है कलेजा ही न कोई काट ले मेरा
Piyush Nishchal
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