तेरे रुख़्सार पे जँचती ही नहीं तू जो ख़ामोशी लिए फिरती है
Related Sher
कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
521 likes
शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
435 likes
सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
545 likes
ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
508 likes
उस को फ़ुर्सत नहीं मिलती कि पलट कर देखे हम ही दीवाने हैं दीवाने बने रहते हैं
Waseem Barelvi
151 likes
More from ABhishek Parashar
ज़िंदगी से चली गई लेकिन वो मेरे ज़ेहन से नहीं जाती
ABhishek Parashar
0 likes
ज़हरस इतने तो नहीं मरते लोग मरते हैं जितने तानों से
ABhishek Parashar
0 likes
ये जगह उतनी भी नहीं बदली जितनी जानाँ बदल गई हो तुम
ABhishek Parashar
0 likes
तुम्हारे हिज्र में मरने से बेहतर है मेरी जान मैं अपना दिल किसी टूटे हुए दिल से लगा लूँ
ABhishek Parashar
0 likes
रात को नींद चैन से आती गर झगड़ते नहीं ख़यालों से
ABhishek Parashar
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on ABhishek Parashar.
Similar Moods
More moods that pair well with ABhishek Parashar's sher.







