teri mahfil se jo nikla to ye manzar dekha mujhe logon ne bulaya mujhe chhu kar dekha
Related Sher
मैं चाहता था मुझ सेे बिछड़ कर वो ख़ुश रहे लेकिन वो ख़ुश हुआ तो बड़ा दुख हुआ मुझे
Umair Najmi
99 likes
दो गज़ सही मगर ये मेरी मिल्कियत तो है ऐ मौत तू ने मुझे ज़मींदार कर दिया
Rahat Indori
93 likes
आज देखा है तुझ को देर के बा'द आज का दिन गुज़र न जाए कहीं
Nasir Kazmi
102 likes
कितना महफ़ूज़ हूँ मैं कोने में कोई अड़चन नहीं है रोने में मैं ने उस को बचा लिया वरना डूब जाता मुझे डुबोने में
Fahmi Badayuni
98 likes
अपने चेहरे से जो ज़ाहिर है छुपाएँ कैसे तेरी मर्ज़ी के मुताबिक़ नज़र आएँ कैसे
Waseem Barelvi
97 likes
More from Rahat Indori
गुज़िश्ता साल के ज़ख़्मो हरे-भरे रहना जुलूस अब के बरस भी यहीं से निकलेगा
Rahat Indori
10 likes
वो चाहता था कि कासा ख़रीद ले मेरा मैं उस के ताज की क़ीमत लगा के लौट आया
Rahat Indori
29 likes
ऐ वतन इक रोज़ तेरी ख़ाक में खो जाएँगे सो जाएँगे मर के भी रिश्ता नहीं छूटेगा हिंदुस्तान से ईमान से
Rahat Indori
18 likes
मैं अहमियत भी समझता हूँ क़हक़हों की मगर मज़ा कुछ अपना अलग है उदास होने का
Rahat Indori
19 likes
घर के बाहर ढूँढ़ता रहता हूँ दुनिया घर के अंदर दुनिया-दारी रहती है
Rahat Indori
38 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Rahat Indori.
Similar Moods
More moods that pair well with Rahat Indori's sher.







