तुलू-ए-सुब्ह हर दिन कुछ बताए है नई उम्मीद जीने की जगाए है
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कुछ न रह सका जहाँ विरानियाँ तो रह गईं तुम चले गए तो क्या कहानियाँ तो रह गईं
Khalil Ur Rehman Qamar
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आज का दिन भी ऐश से गुज़रा सर से पाँव तक बदन सलामत है
Jaun Elia
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हाल न पूछो मोहन का सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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आज देखा है तुझ को देर के बा'द आज का दिन गुज़र न जाए कहीं
Nasir Kazmi
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रूठा था मैं बहुत दिनों से मान गया लेकिन कान पकड़ कर जब वो बोली सोरी-वोरी सब
Sandeep Thakur
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सच बताओं मर्सिया-ख़्वानी किसे मालूम है आँख से बहता हुआ पानी किसे मालूम है
Manohar Shimpi
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वहशत-ए-दिल किसे बताऊँगा कौन क़ाबिल किसे बताऊँगा
Manohar Shimpi
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माँ ब-दौलत रौशनी मुझ को मिली इक नई ही ज़िंदगी मुझ को मिली
Manohar Shimpi
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फ़ैसला वो ग़लत था गवारा नहीं रोष हम ने गले से उतारा नहीं
Manohar Shimpi
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साहिब-ए-मसनद रहे हो बात अंदर की बताओ कारनामा ख़ूब अच्छा है किया तो मुस्कुराओ
Manohar Shimpi
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