तुम न टूटो कभी भी इस लिए पत्थर है कहा मैं तुम्हें फूल जो कहता तो बिखर जाती तुम
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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मैं चाहता हूँ मोहब्बत मेरा वो हाल करे कि ख़्वाब में भी दोबारा कभी मजाल न हो
Jawwad Sheikh
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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ज़ख़्म ऐसा दो मुझे अब इश्क़ में, के नील ही पड़ जाए मेरे दिल के अंदर
Dipendra Singh 'Raaz'
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सीने से मांँ लगाए ही रखती है रात भर रोता हुआ जो नींद से उठ जाऊँ मैं कभी
Dipendra Singh 'Raaz'
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याद आईं चाँद की देखा जो तुम को चाँद को देखा जो तो तुम याद आईं
Dipendra Singh 'Raaz'
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सुनहरे ख़्वाबों से जिस मकाँ को सजाया था हम ने मिल के बरसों हमारे ख़्वाबों के उस मकाँ को लगा दी है आग ख़ुद ही उस ने
Dipendra Singh 'Raaz'
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वो जिस के वास्ते मीलों सफ़र किया मैं ने बिछड़ते वक़्त गले तक नहीं लगा मुझ सेे
Dipendra Singh 'Raaz'
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