तुम पर जँचता है भोलापन माथे पर बिंदी के जैसे
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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ज़रा ठहरो कि शब फीकी बहुत है तुम्हें घर जाने की जल्दी बहुत है ज़रा नज़दीक आ कर बैठ जाओ तुम्हारे शहर में सर्दी बहुत है
Zubair Ali Tabish
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मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
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कुछ न रह सका जहाँ विरानियाँ तो रह गईं तुम चले गए तो क्या कहानियाँ तो रह गईं
Khalil Ur Rehman Qamar
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याद उसी को करते रहना जिस का आना मुश्किल हो प्यार उसी से करते रहना जिस का मिलना ना-मुमकिन
Sanskar Shrivastav
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वो जो आँख मिलाता है भगवानों से तेरे आगे वो लड़का झुक जाता है
Sanskar Shrivastav
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सवेरा आँख में चुभने लगेगा अँधेरे से कभी दिल मत लगाना
Sanskar Shrivastav
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सब दिया माँ भारती ने आप को आप बस इतना करें सर को झुकाएँ
Sanskar Shrivastav
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वो इन आँखों को मयखाना कहते हैं तेरी आँखें तो कान्हा का मंदिर है
Sanskar Shrivastav
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