उछालेंगे सभी क़िस्से मिरे तौहीन भी होगी अगर तुम को यक़ीं है तो ज़माने से नहीं डरना
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या'नी तुम वो हो वाक़ई हद है मैं तो सच-मुच सभी को भूल गया
Jaun Elia
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मिरी ग़ज़ल की तरह उस की भी हुकूमत है तमाम मुल्क में वो सब से ख़ूब-सूरत है बहुत दिनों से मिरे साथ थी मगर कल शाम मुझे पता चला वो कितनी ख़ूब-सूरत है
Bashir Badr
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चाँद सा मिस्रा अकेला है मिरे काग़ज़ पर छत पे आ जाओ मिरा शे'र मुकम्मल कर दो
Bashir Badr
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उस ने देखा मुझ को तो कुण्डी लगानी छोड़ दी फिर मिरे होंठों पे इक आधी कहानी छोड़ दी मैं छुपाए फिर रहा था इश्क़ अपने गाँव में और फिर ज़ालिम ने गर्दन पे निशानी छोड़ दी
nakul kumar
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सभी का ख़ून है शामिल यहाँ की मिट्टी में किसी के बाप का हिन्दुस्तान थोड़ी है
Rahat Indori
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ज़िन्दगी के मंच पर किरदार पूरा हो गया है ये सभी ताली बजाएँगे यक़ीं है अब हमें भी
Ganesh gorakhpuri
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जो पीर मरहम को लगाता ज़ख़्म पर मारा गया जिस को भरोसा है ख़ुदा पर इश्क़ को जारी रखे
Ganesh gorakhpuri
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जो पीर मरहम को लगाता ज़ख़्म पर मारा गया जिस को भरोसा है ख़ुदा पर इश्क़ दोबारा करे
Ganesh gorakhpuri
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निभा लेगा यहाँ किरदार हर कोई ज़माने में पसीना छूट जाता है यहाँ रोटी कमाने में ख़ुदा जो भी नवाज़ेगा तुम्हें शोहरत इबादत में खड़े रहना सदा पीछे किसी को आज़माने में
Ganesh gorakhpuri
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कह न पाया मैं किसी से इश्क़ की वो दास्ताँ इस तरह बेरोज़गारी में गुज़ारी ज़िंदगी
Ganesh gorakhpuri
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