कह न पाया मैं किसी से इश्क़ की वो दास्ताँ इस तरह बेरोज़गारी में गुज़ारी ज़िंदगी
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गुलाब ख़्वाब दवा ज़हर जाम क्या क्या है मैं आ गया हूँ बता इंतिज़ाम क्या क्या है
Rahat Indori
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होश वालों को ख़बर क्या बे-ख़ुदी क्या चीज़ है इश्क़ कीजे फिर समझिए ज़िंदगी क्या चीज़ है
Nida Fazli
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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सभी का ख़ून है शामिल यहाँ की मिट्टी में किसी के बाप का हिन्दुस्तान थोड़ी है
Rahat Indori
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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वस्ल का दिन अभी पूछ लो तुम हिज्र में रात काटी गई है
Ganesh gorakhpuri
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मुहब्बत में फ़ना होना कला है ये सभी को तैरना आए ज़रूरी है
Ganesh gorakhpuri
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उछालेंगे सभी क़िस्से मिरे तौहीन भी होगी अगर तुम को यक़ीं है तो ज़माने से नहीं डरना
Ganesh gorakhpuri
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गुलाब सूख गए हैं किताब में सारे नज़र छिपा के गए हैं नक़ाब में सारे हमें लगा कि सभी लोग शांत हैं बैठे मिले ज़हीर-ए-साकी शराब में सारे
Ganesh gorakhpuri
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जो पीर मरहम को लगाता ज़ख़्म पर मारा गया जिस को भरोसा है ख़ुदा पर इश्क़ को जारी रखे
Ganesh gorakhpuri
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