गुलाब सूख गए हैं किताब में सारे नज़र छिपा के गए हैं नक़ाब में सारे हमें लगा कि सभी लोग शांत हैं बैठे मिले ज़हीर-ए-साकी शराब में सारे
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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मुझ से मत पूछो के उस शख़्स में क्या अच्छा है अच्छे अच्छों से मुझे मेरा बुरा अच्छा है किस तरह मुझ से मुहब्बत में कोई जीत गया ये न कह देना के बिस्तर में बड़ा अच्छा है
Tehzeeb Hafi
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ज़िन्दगी के मंच पर किरदार पूरा हो गया है ये सभी ताली बजाएँगे यक़ीं है अब हमें भी
Ganesh gorakhpuri
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कह न पाया मैं किसी से इश्क़ की वो दास्ताँ इस तरह बेरोज़गारी में गुज़ारी ज़िंदगी
Ganesh gorakhpuri
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सब राजा और साथ में सारे इक्के भी थे शामिल ये ज़िंदगी किसी जोकर से कभी नहीं जीती मैं ने
Ganesh gorakhpuri
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वस्ल का दिन अभी पूछ लो तुम हिज्र में रात काटी गई है
Ganesh gorakhpuri
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दीया जलाकर छोड़ते अक्सर ज़माने में सभी अब कौन जुगनू पूछता है रौशनी के बा'द भी
Ganesh gorakhpuri
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