उम्र का हर इक पड़ाव कुछ यूँँ देखा है मैं ने देखे हैं मैं ने उगते खिलते और झड़ते फूल
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वो लड़ कर भी सो जाए तो उस का माथा चूमूँ मैं उस से मोहब्बत एक तरफ़ है उस से झगड़ा एक तरफ़
Varun Anand
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गुलाब ख़्वाब दवा ज़हर जाम क्या क्या है मैं आ गया हूँ बता इंतिज़ाम क्या क्या है
Rahat Indori
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मैं ने उस सेे प्यार किया है मिल्किय्यत का दावा नइँ वो जिस के भी साथ है मैं उस को भी अपना मानता हूँ
Ali Zaryoun
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इक हुनर है जो कर गया हूँ मैं सब के दिल से उतर गया हूँ मैं
Jaun Elia
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आईने आँख में चुभते थे बिस्तर से बदन कतराता था एक याद बसर करती थी मुझे मैं साँस नहीं ले पाता था
Tehzeeb Hafi
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उस की दीवार पे तस्वीर बना रक्खी थी मैं ने ख़ुद पाँव की ज़ंजीर बना रक्खी थी लिखते रहने से मेरा ख़ून निकल आया था उस ने काग़ज़ पे भी शमशीर बना रक्खी थी
Saahir
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उस की अच्छी बुरी आदतें सारी मालूम हैं मुझ को साहिर चाँदनी संग मैं दाग़ भी मेरे महताब में देखता हूँ
Saahir
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ये समझ में आ गया बेरोज़गारी के दिनों में पैसा है अपनी जगह और दोस्ती अपनी जगह पर
Saahir
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कोई है ही नहीं मेरे जैसा बात गर बे-वफ़ाई पे आए
Saahir
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हर बदन से मैं वाकिफ़ हूँ अच्छे से दोस्त बस बदलती रही हैं तिलों की जगह
Saahir
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