उस की दीवार पे तस्वीर बना रक्खी थी मैं ने ख़ुद पाँव की ज़ंजीर बना रक्खी थी लिखते रहने से मेरा ख़ून निकल आया था उस ने काग़ज़ पे भी शमशीर बना रक्खी थी
Related Sher
वो लड़ कर भी सो जाए तो उस का माथा चूमूँ मैं उस से मोहब्बत एक तरफ़ है उस से झगड़ा एक तरफ़
Varun Anand
264 likes
गुलाब ख़्वाब दवा ज़हर जाम क्या क्या है मैं आ गया हूँ बता इंतिज़ाम क्या क्या है
Rahat Indori
263 likes
नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
201 likes
बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
1244 likes
इक हुनर है जो कर गया हूँ मैं सब के दिल से उतर गया हूँ मैं
Jaun Elia
241 likes
More from Saahir
उस का नाम सुनाई देने की वजह मेरे पड़ोस की छोटी बच्ची है दोस्त मेरे ख़यालों में ही पक्कापन है मेरी उम्र अभी भी कच्ची है दोस्त
Saahir
1 likes
ये समझ में आ गया बेरोज़गारी के दिनों में पैसा है अपनी जगह और दोस्ती अपनी जगह पर
Saahir
1 likes
इश्क़ दरख़्त है ऐसा जिस का साया तक भारी सर्दी में भी गर्मी देता है
Saahir
1 likes
महलों के बाशिंदों ने कब बाहर ये देखा है बस्ती की पगडंडी पर कितने आदम पड़े हुए हैं जिन जिन लोगों ने शिरकत की है मेरी मय्यत में देखोगे तो जानोगे सब बन्दे मरे हुए हैं
Saahir
2 likes
उम्र का हर इक पड़ाव कुछ यूँँ देखा है मैं ने देखे हैं मैं ने उगते खिलते और झड़ते फूल
Saahir
1 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Saahir.
Similar Moods
More moods that pair well with Saahir's sher.







