unhen sadiyon na bhulega zamana yahan jo hadse kal ho gae hain
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कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
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पहले तो मेरी याद से आई हया उन्हें फिर आइने में चूम लिया अपने-आप को
Shakeb Jalali
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ये कभी मिलने चले आऍंगे सदियों बा'द भी वक़्त के पन्नों में कुछ लम्हात रख कर देखिए
nakul kumar
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जिस भी फ़नकार का शहकार हो तुम उस ने सदियों तुम्हें सोचा होगा
Ahmad Nadeem Qasmi
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तेरे जाने में और आने में हम ने सदियों का फ़ासला देखा
Sudarshan Fakir
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बस यूँँ ही दिल को तवक़्क़ो' सी है तुझ से वर्ना जानता हूँ कि मुक़द्दर है मेरा तन्हाई
Nasir Kazmi
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कहाँ है तू कि तिरे इंतिज़ार में ऐ दोस्त तमाम रात सुलगते हैं दिल के वीराने
Nasir Kazmi
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कौन अच्छा है इस ज़माने में क्यूँँ किसी को बुरा कहे कोई
Nasir Kazmi
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जुदाइयों के ज़ख़्म दर्द-ए-ज़िन्दगी ने भर दिए तुझे भी नींद आ गई मुझे भी सब्र आ गया
Nasir Kazmi
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देख मोहब्बत का दस्तूर तू मुझ से मैं तुझ से दूर कोशिश लाज़िम है प्यारे आगे जो उस को मंज़ूर
Nasir Kazmi
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