वो क्यूँँ न रूठता मैं ने भी तो ख़ता की थी बहुत ख़याल रखा था बहुत वफ़ा की थी
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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वो लड़ कर भी सो जाए तो उस का माथा चूमूँ मैं उस से मोहब्बत एक तरफ़ है उस से झगड़ा एक तरफ़
Varun Anand
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गुलाब ख़्वाब दवा ज़हर जाम क्या क्या है मैं आ गया हूँ बता इंतिज़ाम क्या क्या है
Rahat Indori
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तुम बहुत ख़ुश रहोगी मेरे साथ वैसे हर इक की अपनी मर्ज़ी है
Tehzeeb Hafi
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मैं ने उस सेे प्यार किया है मिल्किय्यत का दावा नइँ वो जिस के भी साथ है मैं उस को भी अपना मानता हूँ
Ali Zaryoun
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शिकायत उस से नहीं अपने आपसे है मुझे वो बे-वफ़ा था तो मैं आस क्यूँँ लगा बैठा
Sabir Zafar
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न इंतिज़ार करो इनका ऐ अज़ा-दारो शहीद जाते हैं जन्नत को घर नहीं आते
Sabir Zafar
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शाम से पहले तिरी शाम न होने दूँगा ज़िन्दगी मैं तुझे नाकाम न होने दूँगा
Sabir Zafar
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सुब्ह की सैर की करता हूँ तमन्ना शब भर दिन निकलता है तो बिस्तर में पड़ा रहता हूँ
Sabir Zafar
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