वो लड़की मेरे दिल में अब भी आती है जिस के आ जाने से जान चली जाती है इक बात बताओ ऐ धोखा देने वाली तेरी याद मुझे अब तक क्यूँँ तड़पाती है
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिन दिल के ख़ुश रखने को 'ग़ालिब' ये ख़याल अच्छा है
Mirza Ghalib
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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मेरी हालत पर तरस तो खाइए रब हाँ मुझे जाना है हाँ ले जाइए रब
Kabir Altamash
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किसी को भेज मेरे पास मेरे रब कि तू तो जानता है ना मैं तन्हा हूँ
Kabir Altamash
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तुम मुझ को रोने पर मजबूर कभी मत करना मैं रोया तो मेरे घर वाले भी रोएंँगे
Kabir Altamash
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उठेंगे हम नहीं सजदे से तब तलक या रब ये सारे मस'अले जब तक के हल नहीं होंगे
Kabir Altamash
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तुझे ये पता है अगर तो बता तेरी याद क्यूँ खींचती है मुझे
Kabir Altamash
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