उठेंगे हम नहीं सजदे से तब तलक या रब ये सारे मस'अले जब तक के हल नहीं होंगे
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मुद्दतें गुज़र गई 'हिसाब' नहीं किया न जाने अब किस के कितने रह गए हम
Kumar Vishwas
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दिल ना-उमीद तो नहीं नाकाम ही तो है लंबी है ग़म की शाम मगर शाम ही तो है
Faiz Ahmad Faiz
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नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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घर में भी दिल नहीं लग रहा काम पर भी नहीं जा रहा जाने क्या ख़ौफ़ है जो तुझे चूम कर भी नहीं जा रहा रात के तीन बजने को है यार ये कैसा महबूब है जो गले भी नहीं लग रहा और घर भी नहीं जा रहा
Tehzeeb Hafi
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अब ज़रूरी तो नहीं है कि वो सब कुछ कह दे दिल में जो कुछ भी हो आँखों से नज़र आता है मैं उस सेे सिर्फ़ ये कहता हूँ कि घर जाना है और वो मारने मरने पे उतर आता है
Tehzeeb Hafi
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सब लड़कों में सब सेे अच्छा लड़का मैं हूँ एक अनोखा प्यारा लड़का अम्मी ख़ुश होकर सब सेे कहती थी देखो दौड़ रहा है मेरा लड़का
Kabir Altamash
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कोई होता तो उस को सब बताते हम हमारी इक कहानी भी सुनाते हम बहुत ही दूर रहती है कोई लड़की यहाँ रहती तो पलकों पे बिठाते हम
Kabir Altamash
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याद नहीं क्या तुम को मेरे रोने पर रोती थी तुम भी क्या अब तुम को मेरे रोने पर कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता
Kabir Altamash
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खा जाएगा इक दिन मुझे तुझ सेे बिछड़ने का ये डर
Kabir Altamash
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हो गए आप मुझ सेे इतना दूर है ज़मीं से वो चाँद जितना दूर अब दिखाई भी तुम नहीं देते तुम कहाँ हो बताओ कितना दूर
Kabir Altamash
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