वो ख़ुद को शे'र माने बैठा देखो बताओ ज़िन्दगी सर्कस है उस को
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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इलाज अपना कराते फिर रहे हो जाने किस किस से मोहब्बत कर के देखो ना मोहब्बत क्यूँँ नहीं करते
Farhat Ehsaas
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मैं भी इक शख़्स पे इक शर्त लगा बैठा था तुम भी इक रोज़ इसी खेल में हारोगे मुझे ईद के दिन की तरह तुम ने मुझे ज़ाया' किया मैं समझता था मुहब्बत से गुज़ारोगे मुझे
Ali Zaryoun
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ख़ुद से भी मिल न सको, इतने पास मत होना इश्क़ तो करना, मगर देवदास मत होना देखना, चाहना, फिर माँगना, या खो देना ये सारे खेल हैं, इन में उदास मत होना
Kumar Vishwas
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धूप में निकलो घटाओं में नहा कर देखो ज़िंदगी क्या है किताबों को हटा कर देखो
Nida Fazli
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वो समुंदर है वो प्यासा ही रखेगा मैं सिमट जाऊँगा तुझ में ,हूँ मैं तालाब
"Dharam" Barot
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वीडियो कॉल कर दिन निकालें जी आप मोह पाला है पैसों का परदेस में
"Dharam" Barot
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पता सब को ही छत, दीवार का ये दुख पता किस को पिलर को होता था ये दुख बड़े जब होते है बच्चे पता चलता उन्हें क्या होता है माँ बाप का ये दुख
"Dharam" Barot
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मैं कहूँगा और कुछ ही वो सुनेगा और कुछ ही जानते हैं सब यही रिश्ता मियाँ- बीवी का सच्चा
"Dharam" Barot
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न रामायण का मक़्सद राम को सब को बताना था हाँ रामायण का मक़्सद राम हर घर में बनाना था
"Dharam" Barot
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