वो पूछते हैं क्या मुहब्बत से मिला मैं कहता हूँ सब कुछ गँवाने का हुनर
Related Sher
ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
484 likes
कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
521 likes
ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है
Allama Iqbal
471 likes
तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
401 likes
शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
435 likes
More from Brajnabh Pandey
वो तेरे ख़ातिर जो सपना देखा था 'ब्रज' अब वो कोई और पूरा कर रहा है
Brajnabh Pandey
1 likes
उस सितमगर के बिना कैसे रहूँ मैं और सितमगर को रखूँ कैसे मेरे पास
Brajnabh Pandey
2 likes
ये मुहब्बत के मरे मारे हुए लोग इन से ही सीखा है रोना इस जहाँ में
Brajnabh Pandey
2 likes
मुझ सेे कहो कुछ जाँ के इक अर्सा हुआ मुझ को किसी की बात को माने हुए
Brajnabh Pandey
2 likes
तू दूर जा के बैठा है तो इक क़यामत सी है गर तू पास होता यार तो क्या क़हर मुझ पे टूटता
Brajnabh Pandey
2 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Brajnabh Pandey.
Similar Moods
More moods that pair well with Brajnabh Pandey's sher.







