तू दूर जा के बैठा है तो इक क़यामत सी है गर तू पास होता यार तो क्या क़हर मुझ पे टूटता
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लोग हर मोड़ पे रुक रुक के सँभलते क्यूँँ हैं इतना डरते हैं तो फिर घर से निकलते क्यूँँ हैं मोड़ होता है जवानी का सँभलने के लिए और सब लोग यहीं आ के फिसलते क्यूँँ हैं
Rahat Indori
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अगर है इश्क़ सच्चा तो निगाहों से बयाँ होगा ज़बाँ से बोलना भी क्या कोई इज़हार होता है
Bhaskar Shukla
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तरीक़े और भी हैं इस तरह परखा नहीं जाता चराग़ों को हवा के सामने रक्खा नहीं जाता मोहब्बत फ़ैसला करती है पहले चंद लम्हों में जहाँ पर इश्क़ होता है वहाँ सोचा नहीं जाता
Abrar Kashif
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हिम्मत, ताकत, प्यार, भरोसा जो है सब इनसे ही है कुछ नंबर हैं जिन पर मैं ने अक्सर फोन लगाया है
Pratap Somvanshi
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कोई समुंदर, कोई नदी होती कोई दरिया होता हम जितने प्यासे थे हमारा एक गिलास से क्या होता ता'ने देने से और हम पे शक करने से बेहतर था गले लगा के तुम ने हिजरत का दुख बाट लिया होता
Tehzeeb Hafi
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वो पूछते हैं क्या मुहब्बत से मिला मैं कहता हूँ सब कुछ गँवाने का हुनर
Brajnabh Pandey
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नाज़ तू ने सब उठाए मेरे ख़ातिर काश करता कुछ मैं भी जाँ तेरे ख़ातिर उम्र भर मरता रहा इक बूँद पर मैं और समुंदर भी था प्यासा मेरे ख़ातिर
Brajnabh Pandey
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वो तेरे ख़ातिर जो सपना देखा था 'ब्रज' अब वो कोई और पूरा कर रहा है
Brajnabh Pandey
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जन्म-दिन आ गया है फिर से दोस्त फिर बिछड़ जाएँगे ये आँखों से अश्क
Brajnabh Pandey
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मेरे सारे उदासी के धन का मेरे बेटे तू त्याग कर देना
Brajnabh Pandey
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