यार दिनों में रातें कौन करे निर्लज्जों से बातें कौन करे
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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मुझ से मत पूछो के उस शख़्स में क्या अच्छा है अच्छे अच्छों से मुझे मेरा बुरा अच्छा है किस तरह मुझ से मुहब्बत में कोई जीत गया ये न कह देना के बिस्तर में बड़ा अच्छा है
Tehzeeb Hafi
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ये भी मशहूर था कूचे में उस के जिसे तुम लोग पागल कह रहे हो
Rohit Gustakh
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किसे मालूम था क्या कर चुका था मैं मुझे जब होश आया मर चुका था मैं
Rohit Gustakh
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तुम्हें कैसे बताएँ हम कि कैसे हैं बिना उस के उसे बस ये बताना तुम कि अच्छे हैं बिना उस के वो पूछे तो बता देना हमारा हाल ये उस को मुकम्मल ख़्वाब आँखों में अधूरे हैं बिना उस के
Rohit Gustakh
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ज़माने में किसी से दिल लगाकर किसी का दिल दुखाया था किसी ने
Rohit Gustakh
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ग़म-ए-दुनिया से आगे कुछ नहीं है जहाँ तुम आशनाई कर रही हो
Rohit Gustakh
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