yahi haalat ibtida se rahe log hum se khafa khafa se rahe
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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हम ने उस को इतना देखा जितना देखा जा सकता था लेकिन फिर भी दो आँखों से कितना देखा जा सकता था
Farrukh Yar
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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क्यूँँ मेरे साथ कोई और परेशान रहे मेरी दुनिया है जो वीरान तो वीरान रहे
Javed Akhtar
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मैं बचपन में खिलौने तोड़ता था मिरे अंजाम की वो इब्तिदा थी
Javed Akhtar
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हमें जब से मोहब्बत हो गई है ये दुनिया ख़ूब-सूरत हो गई है
Javed Akhtar
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जिधर जाते हैं सब जाना उधर अच्छा नहीं लगता मुझे पामाल रस्तों का सफ़र अच्छा नहीं लगता
Javed Akhtar
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फिर ख़मोशी ने साज़ छेड़ा है फिर ख़यालात ने ली अँगड़ाई
Javed Akhtar
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