ये बारिश फिर होगी बरसात का मौसम है इक घर फिर ढ़ह जाएगा मात का मौसम है
Related Sher
तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
339 likes
मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
388 likes
कोई इतना प्यारा कैसे हो सकता है फिर सारे का सारा कैसे हो सकता है तुझ सेे जब मिल कर भी उदासी कम नहीं होती तेरे बग़ैर गुज़ारा कैसे हो सकता है
Jawwad Sheikh
163 likes
नाम पे हम क़ुर्बान थे उस के लेकिन फिर ये तौर हुआ उस को देख के रुक जाना भी सब से बड़ी क़ुर्बानी थी मुझ से बिछड़ कर भी वो लड़की कितनी ख़ुश ख़ुश रहती है उस लड़की ने मुझ से बिछड़ कर मर जाने की ठानी थी
Jaun Elia
183 likes
तुम बहुत ख़ुश रहोगी मेरे साथ वैसे हर इक की अपनी मर्ज़ी है
Tehzeeb Hafi
357 likes
More from Meem Alif Shaz
ये किस गुमाँ में जी रहा हूँ आजकल ये जिस्म मेरा है न ये साँसें मिरी
Meem Alif Shaz
0 likes
ये किरदार नहीं देखा जाएगा अब पहचान हमारी बँगले होंगे
Meem Alif Shaz
0 likes
ज़िन्दगी तुझ को न जी पाए हम वक़्त ने दर्द दिया जब इतना
Meem Alif Shaz
0 likes
वो कुछ कहता नहीं दिक़्क़त यही तो है ख़मोशी मार देती है ख़मोशी से
Meem Alif Shaz
0 likes
वो कोई और हैं जो हाथों में बारूद रखते हैं मगर हम लोग तो इन हाथों में अमरूद रखते हैं
Meem Alif Shaz
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Meem Alif Shaz.
Similar Moods
More moods that pair well with Meem Alif Shaz's sher.







