ये जो अंतिम ऊँचाई होती है ना इस पर ना कोई साथी ना संगी है
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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कोई शहर था जिस की एक गली मेरी हर आहट पहचानती थी मेरे नाम का इक दरवाज़ा था इक खिड़की मुझ को जानती थी
Ali Zaryoun
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तेरी ख़ुशियों का सबब यार कोई और है ना दोस्ती मुझ सेे है और प्यार कोई और है ना
Ali Zaryoun
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मैं उस से ये तो नहीं कह रहा जुदा न करे मगर वो कर नहीं सकता तो फिर कहा न करे वो जैसे छोड़ गया था मुझे उसे भी कभी ख़ुदा करे कि कोई छोड़ दे ख़ुदा न करे
Tehzeeb Hafi
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सौ सौ उमीदें बँधती है इक इक निगाह पर मुझ को न ऐसे प्यार से देखा करे कोई
Allama Iqbal
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तुम को कल की मालूम नहीं बात करो हो जन्मों की तुम
Pawan
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शब बारिश की बूँदें बनकर कोई तो हम पर बरसा है
Pawan
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सारे शे'र नवाज़िश हैं इन दुक्खों की ख़ुश होकर बोलो कब शे'र लिखे हम ने
Pawan
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सबकी क़िस्मत ही अच्छी थोड़ी होती है सबकी क़िस्मत में हीरे थोड़ी होते हैं
Pawan
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ये महफ़िल कब बिखरेगी बतलाओ तो हम को उस के कूचे में भी जाना है
Pawan
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